2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

Students can Download 2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या Pdf, 2nd PUC Hindi Textbook Answers, helps you to revise the complete Karnataka State Board Syllabus and to clear all their doubts, score well in final exams.

Karnataka 2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

I. एक शब्द या वाक्यांश में उत्तर: दीजिए।

1. कवि ने बूढा चौकीदार किसे कहा है?
उत्तर:
कवि ने बूढा चौकीदार वृक्ष को कहा है।

प्रश्न 2.
वृक्ष का शरीर किससे बना है?
उत्तर:
वृक्ष का शरीर पुराने चमड़े का सख्त बना है।

प्रश्न 3.
सूखी डाल कैसी है?
उत्तर:
सूखी डाल राइफिल सी है।

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

प्रश्न 4.
वृक्ष की पगड़ी कैसी है? उत्तर: वृक्ष की पगड़ी फूल-पत्तीदार है।

प्रश्न 5.
देश को किससे बचाना है?
उत्तर:
देश को दुश्मनों से बचाना है।

प्रश्न 6.
हवा को क्या हो जाने से बचाना है?
उत्तर:
हवा को धुआँ हो जाने से बचाना है।

प्रश्न 7.
जंगल को क्या हो जाने से बचाना है?
उत्तर:
जंगल को मरुस्थल बनाने से बचाना है।

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

II. निम्न लिखित प्रश्नों के उत्तर: लिखिए:

प्रश्न 1.
वृक्ष न दिखने पर कवि उसकी यादों में कैसे खो गये।
उत्तर:
इसमें कवि कुँवर नारायण ने वृक्ष के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की है। बचपन से जिस वृक्ष को देखते थे, उसके न दिखने से वह दुःखी हो जाते है। यहाँ वह कह रहे है जब इस बार मैं घर लौटा तो चौकीदार के तरह घरके दरवाजे पर वह वृक्ष नही था उसकी याद में खोकर वे कहते है उसका शरीर कितना सख्त था, पुराना होने के कारण वह बहुत झुर्रियोदार और खुरदरा था। जहाँ तक कवि के याद है बचपन से वे उस पेड को वैसे ही खडा पाते है। घूप हो, बारिश हो, गर्मी हो या सर्दी। खाकी वर्दी पहने चौकने से चौकीदार की तरह वह खडा दिखता। कवि उसे
अपने दोस्त की तरह मानते है। कविने उसके साथ एक रिश्ता सा बना लिया था।

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

प्रश्न 2.
पर्यावरण के संरक्षण के संबंध में कवि कुँवर नारायण के विचार लिखिए।
उत्तर:
पेड के कट जानेसे कवि संवेदनशील हो गए है, उसकी याद में वह भावनाशील हो गए हैं। वह कह रहे है शुरु से ही मुझे डर था कि कोई दुश्मन इस पेड को काट न दे। अब सवाल एक पेड का नही, ऐसे कई पेड, कई जगह पर कटे जा रहे है। अपने स्वार्थ के लिए, कभी जगह के लिए तो कहीं लकडी फर्निचर घर बनान लोग पेड़ों को काट रहें है। इन लूटेरों में अब हमे बचाना है। इन आतंक फैलाने वालों से, अपने शहर को बचाना है।

अपने देश को इन गद्यारोंसे बचाना है क्योंकि वे अपने देश या यहाँ के लोगों के बारे में नही सोच रहे है। आज वे इन पेड़ों को काट रहे है कल ये लूटेरे सारे देश को लूटेंगे नही तो एक दिन ये नदियाँ नाले जैसे बन जाएँगे, हवा घुआ हो। जाएगा, घुओं से भर जाएगा, तो साँस लेना भी मुश्किल हो जाएगा। पेड नही रहेंगे, बारिश न होगी, हवा गंदी हो, जाएगी तो खाना भी जहर हो जाएगा, जंगल कट जाएगे और मरुस्थल बन जाएगा। इसके पहले कि यह हाल बनाएँगे हमे बचाना है इस देश को नही तो एकदिन यहाँ सिर्फ मनुष्यों का जंगल बन जाएगा और सभी मनुष्य जानवर जैसे व्यवहार करने लगेगे।

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या

III. ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए:

प्रश्न 1.
पुराने चमडे का बना उसका शरीर वही सख्त जान
झुर्रियोंदार खुरदरा तना मैला कुचैला,
राइफल सी एक सूखी डाल,
उत्तर:
प्रसंग : इन पंक्तियों को कुंवर नारायण के लिखे ‘एक वृक्ष की हत्या’ कविता से ली गई है।

व्याख्या : कवि बचपन से जिस वृक्ष को देखते थे उसे अचानक एक दिन न पाकर दुःखी हो जाते हैं। वे कहते हैं उसका शरीर कितना सख्त था। उस पर घूल जम गई थी- जिसके कारण वह मैला कुचैला सा था, एक सूखी डाल राइफल सी तनी खडी तो ऊपर के तरफ फूल और पत्तो जैसे किसी ने पगडी पहनी हो। उसकी जड़ इतनी कठोर और सख्त थी जैसे पुराना जूता, फटापूराना चरमराता सा लेकिन फिर भी टिकाऊ सा।

2nd PUC Hindi Workbook Answers पद्य Chapter 8 एक वृक्ष की हत्या